Saturday, September 24, 2011

So beet gayi so baat gayi

जीवन में एक सितारा था ,

माना वो बेहद प्यारा था,

वो ड़ूब गया तो ड़ूब गया ,

अम्बर के आनन को देखो ,

कितने इसके तारे टूटे ,

कितने इसके प्यारे छुटे,

जो छुट गए वोफिर कहा मिले ,

पर बोलो टूटे तारो पर ,

कब अम्बर शोक मनाता हे ,

जो बीत गयी वो बात गयी |

जीवन में वो था एक कुसुम ,

थे उस पर नित्य निछावर तुम ,

वह सुख गया तो सुख गया ,

मधुवन की छाती को देखो ,

सूखी कितनी इसकी कलिया,

मुर्जाही कितनी इसकी बालियाँ ,

जो मुर्जाही वो फिर कहाँ खिली ,

पर बोलो सूखे फूलो पर ,

कब मधुबन शोर मचाता हे ,

जो बीत गयी वो बात गयी |

जीवन में मधु का प्याला था ,

तुमने तन मन दे डाला था ,

वह टूट गया तो टूट गया ,

मदिरालय के आगन को देखो,

कितने प्याले हिल जाते हे,

गिर मिटटी में मिल जाते हे ,

जो गिरते हे कब उठते हे ,

पर बोलो टूटे प्यालो पर,

कब मदिरालय इतराता हे,

जो बीत गयी सो बात गयी |

मृदु मीट्टी के हे बने हुए ,

मधु घट फूटा ही करते हे ,

लघु जीवन लेकर आये हे ,

प्याले टुटा ही करते हे ,

फिर भी मदिरालय के अंदर ,

मधु के घट हे मधु प्याले हे ,

जो मादकता के मारे हे,

वो मधु लूटा ही करते हे ,

वे कच्चा पीने वाले हे ,

जिसकी ममता घट प्यालो पर,

जो सच्चे मधु से जला हुआ ,

कब रोता हे चिल्लाता हे ,

जो बीत गयी वो बात गयी |

I will be fine . I have no choice

7 comments:

  1. WHAT HAPPENED?

    Why sad ......?
    Hope u better now.

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  2. I love this poem too... It has been my favorite too...
    And please dear dont be so harsh on yourself... Let it be the way is it.. everything would be back to normal soon :)

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  3. London se aayi hai kya?? Heheheheheh . Meri hindi teacher bolti thi

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  4. Man ! I love this poem. LOVE.IT. Thanks :)

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  5. Beet gayi so baat gayi par memories ka kya?

    Happy moments sometimes become painful memories.
    Irony of Life.

    **Jis par beet-thi hai wohi sahi tarah say samajh saktha hai**

    Where did you meet Jilted girl by the way? :P

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